राज्य सरकार हर समय विद्यार्थियों के साथ है….
प्रदेश में हो रहे हैं 369 सांदीपनि विद्यालय, 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज तैयार….
विद्यार्थियों को डॉक्टर, इंजीनियर के अलावा उद्यमी बनने और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होने के लिए किया प्रेरित….
भोपाल….
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समेकित छात्रवृत्ति योजना के तहत 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में 300 करोड़ रुपए की राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की। सीएम ने बताया कि हमने इसके पहले निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 8.5 लाख विद्यार्थियों की फीस का 489 करोड़ रुपए भी भुगतान किया है। सीएम ने कहा कि वित्त विभाग से यह राशि स्वीकृत कराना आसान नहीं था। लोग सोचते हैं कि पैसा निकालना या बजट पास कराना बहुत आसान है, जबकि यह एक लंबी प्रक्रिया होती है। लेकिन, हमने इस बार यह राशि समय से उपलब्ध कराई है, जबकि पहले छात्रवृत्ति अप्रैल या मई महीने में दी जाती थी। इस बार बच्चों के हित में अक्टूबर में ही स्कॉलरशिप जारी की गई है। सीएम ने कहा कि अगर बच्चों को सत्र की शुरुआत में ही यह राशि मिल जाए, तो वे किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य जरूरी चीजें समय पर खरीद सकेंगे।
सीएम हाउस में कार्यक्रम….
सीएम हाउस के समत्व भवन में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि किसी भी छात्र-छात्रा की शिक्षा आर्थिक कारणों से रुकने नहीं दी जाएगी। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह, सचिव स्कूल शिक्षा श्री संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आए स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए पहले मां सरस्वती को प्रसन्न करना पड़ता है, अर्थात् विद्यार्थियों के लिए मन लगाकर पढ़ाई में मेहनत करना जरूरी है। बच्चे खूब पढ़ें, आगे बढ़ें, इसके लिए सरकार हर समय विद्यार्थियों के साथ खड़ी है। राज्य सरकार सभी विद्यार्थियों को त्वरित रूप से सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सुखद परिणाम है कि प्रदेश में सामान्यत: छात्रवृत्ति अप्रैल के महीने में सत्र खत्म होने पर मिलती थी, वह अब अक्टूबर माह में ही विद्यार्थियों के खातों में जारी की जा रही है। पात्र विद्यार्थियों को स्कूटी, लैपटॉप, ड्रेस और साइकिल आदि भी समय पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में शिक्षा व्यवस्था में नई पहल की जा रही है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना की जा रही है। देश में सबसे अच्छे शासकीय विद्यालय मध्यप्रदेश में बने हैं। गत माह ही राज्य सरकार द्वारा शिक्षा का अधिकार के अंतर्गत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 8 लाख 50 हजार विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति की गई। प्रदेश के निजी विद्यालयों में 20 प्रतिशत सीटों पर जरूरतमंद परिवार के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। प्रदेश में 369 सांदीपनि विद्यालय, 55 पीएम एक्सीलेंस कॉलेज तैयार हो रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 6 और 9वीं के 4 किमी दूर रहने वाले 1 करोड़ विद्यार्थियों को नि:शुक्ल साइकिलें वितरित की हैं। बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले 5 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए हैं। विद्यार्थियों को नीट, क्लेट, जेईई सहित सभी प्रकार की कोचिंग भी नि:शुल्क प्रदान करने के लिए योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को डॉक्टर, इंजीनियर, वकील बनने के साथ उद्यमी बन लोगों को रोजगार देने वाला बनने के लिए भी प्रेरित किया।

क्या है समेकित छात्रवृत्ति….
इस योजना में 6 विभागों द्वारा दी जाने वाली स्कॉलरशिप शामिल है। यह सभी आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई है। इसमें छात्रों के बैंक खातों में सीधे राशि ट्रांसफर की जाती है, ताकि वे फीस, यूनिफॉर्म, स्टेशनरी और अन्य शैक्षणिक जरूरतें पूरी कर सकें। इसके लिए एजुकेशन पोर्टल 3.0 के जरिए आवेदन भराए जाते हैं।















