इंदौर….
प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट देवेन्द्र शर्मा की पुस्तक “सर्कस” के विमोचन अवसर पर डॉ. भरत शर्मा (सदस्य – संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय लोकतंत्र में कार्टून अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सशक्त उदाहरण हैं।
डॉ. शर्मा ने आगे कहा कि कार्टूनिस्ट बिना कटु भाषा के सत्ता, व्यवस्था और सामाजिक ढांचे पर प्रश्न उठाते हैं। कार्टून केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज का सशक्त दर्पण है। यह सरल रेखाओं, प्रतीकों और हास्य के माध्यम से गहन सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक सच्चाइयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है। कार्टून समाज की कुरीतियों, विसंगतियों और अन्याय को व्यंग्य के माध्यम से उजागर करता है। एक चित्र कई बार लंबे भाषण से अधिक प्रभावशाली सिद्ध होता है। भारतीय कार्टून विविध भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं को एक मंच पर लाकर “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को सुदृढ़ करते हैं।
डॉ. भरत शर्मा का स्वागत वरिष्ठ कार्टूनिस्ट देवेन्द्र शर्मा ने किया और उन्हें अपनी रची एक समग्र कार्टून पुस्तक भेट की।
उक्त अवसर पर वरिष्ठ उद्योगपति राकेश खंडेलवाल, वीरेंद्र पौराणिक भी उपस्थित रहे।















