इंदौर….
महू की यशवंत नगर ग्राम पंचायत में सड़क निर्माण के भौतिक सत्यापन के नाम पर रिश्वत मांगना एक महिला उपयंत्री को भारी पड़ गया…. लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत के आधार पर जाल बिछाकर आरोपी इंजीनियर को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया.
इंदौर के पास स्थित महू की यशवंत नगर पंचायत में साढ़े चार लाख की लागत से हुए सड़क निर्माण की प्रोजेक्ट फाइल आगे बढ़ाने के एवज में उपयंत्री सावित्री मुवैल भौतिक सत्यापन करने के एवज में 15 हजार रुपए की मांग कर रही थी. इसकी शिकायत ग्राम पंचायत सचिव रमेशचंद्र चौहान ने इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में की.
शिकायत की जांच के बाद अफसरों ने महिला इंजीनियर को पकड़ने के लिए जाल बिछाया. रमेशचंद्र तय राशि लेकर उपयंत्री सावित्री के पास पहुंचा. सचिव ने नोटों का बंडल उपयंत्री को सौंपा और घूसखोर इंजीनियर को पकड़ने की ताक में खड़े दल को इशारा कर दिया. जैसे ही अफसर कार्यालय में पहुंचे तो रिश्वत लेने वाली महिला अधिकारी हक्की-बक्की रह गई… जो गड्डी उसने रखी थी, पुलिस ने उसे जब्त किया और घूस लेने वाली महिला अधिकारी के हाथ धुलवाए. हाथ धुलते ही महिला उपयंत्री के हाथ में पीला रंग नजर आया. नोटों की गड्डी पर अफसरों ने केमिकल लगाया था. लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी इंजीनियर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा के तहत केस दर्ज किया है. महिला घूसखोर की शिकायत करने वाले आवेदक का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरे के बाद अफसरों को भौतिक सत्यापन कर उसे सरकारी डायरी में अंकित करना होता है, लेकिन उसमें महिला इंजीनियर देर कर रही थी.















