इंदौर….
भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में अरसे बाद इंदौर का दबदबा दिखाई दिया। पहली बार दो प्रदेश मोर्चा अध्यक्ष के पद इंदौर के खाते में गए हैं, जबकि महामंत्री पद पर गौरव रणदिवे और उपाध्यक्ष पद पर डॉ. निशांत खरे की नियुक्ति ने उनको सक्रिय राजनीति में न सिर्फ लौटाया है, बल्कि पद और कद भी ऊंचा हो गया है….
आईडीए अध्यक्ष रहे जयपालसिंह चावड़ा को संगठन में अनुभव के बूते किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष की कमान मिली है तो सांवेर के नेता भगवानसिंह परमार को अनुसूचित जाति मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। अहम बात ये है कि रणदिवे, खरे और चावड़ा तीनों ही पहले केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान के करीबी थे।
पिछले विधानसभा चुनाव में चौहान ने रणदिवे, डॉ. खरे और चावड़ा के टिकट के लिए पूरी ताकत लगाई थी। बाद में डॉ. खरे को उन्होंने महापौर पद के प्रत्याशी के लिए भी समर्थन दिया। हालांकि तीनों को ही कोई सफलता नहीं मिली थी, लेकिन अब तीनों के एक साथ नियुक्त होने के भी अलग मायने हैं। संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा और सीएम डॉ. मोहन यादव की सहमति से ही नाम आगे बढ़े। शर्मा और सीएम के हां कहने के बाद ये नाम तय हुए।
रणदिवे और डॉ. खरे कोविड के समय सक्रिय रहे हैं। रणदिवे मराठी समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी नियुक्ति के दो-तीन समीकरण उनके जश्न से ही नजर आए। 4 नंबर क्षेत्र के नेताओं ने उनके नाम का ऐलान होते ही ढोल बजाए, मिठाई बांटी तो दो नंबरी नेता इससे पूरी तरह दूर रहे।
नगर अध्यक्ष के रूप में अच्छा काम, सदस्यता अभियान, कम समय में नेताओं, कार्यकर्ताओं की टीम खड़ी करने के बिंदु उनको महामंत्री पद देने में ध्यान रखे गए। डॉ. खरे युवा आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं। युवाओं में पकड़, संपर्क, आदिवासी-वनवासी समुदाय के बीच सेवा कार्यों के बदले उन्हें ये पद मिला है।
कोविड में सक्रिय थे, समाज, किसानों से संपर्क का लाभ मिला….
चावड़ा मूलत: देवास जिले के हैं, पर संघ और संगठन में लगातार काम और आईडीए अध्यक्ष के अनुभव ने उन्हें किसान मोर्चा का पद दिला दिया। अभी सरकार लगातार किसानों से जुड़े आंदोलन, समस्याओं से जूझ रही है। चावड़ा ने जमीन अधिग्रहण के मामलों में किसानों के साथ जो समन्वय बैठकें की, विरोध को कम किया, कहीं न कहीं उसका लाभ भी मिला।
भगवानसिंह परमार को अनुसूचित जाति मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। वे पहले इसी मोर्चा में महामंत्री रहे हैं। उनके काम, दक्षता से प्रमोशन मिला है।















