इंदौर….
एरोड्रम के महेश एवेन्यू छोटा बांगड़दा रोड निवासी दीपक चांदोरे ने पुलिस को शिकायत में बताया कि दिसंबर 2025 में वह फेसबुक पर रील देख रहा था। इसी दौरान ट्रेडिंग लिंक का विज्ञापन दिखाई दिया। लिंक पर क्लिक करने के बाद वह “A69 ABCL Wealth Navigator Club” नाम के ग्रुप से जुड़ गया।
एक माह तक देखता रहा गतिविधियां….
ग्रुप में रोजाना सदस्य मुनाफे के स्क्रीनशॉट और मैसेज शेयर करते थे। ट्रेडिंग से जुड़े शॉर्ट्स वीडियो और ऑनलाइन लेक्चर भी डाले जाते थे। करीब एक महीने तक गतिविधियां देखने के बाद दीपक को भरोसा हो गया कि यह प्लेटफॉर्म सही है। इस पर ठगी नहीं हो सकती।
इसी ग्रुप में इन्वेस्टमेंट के लिए मैसेज करने पर एक वॉट्सऐप नंबर से दीया मेहरा नाम की युवती ने संपर्क किया। उसने अकाउंट खोलने की प्रक्रिया बताई और एक लिंक भेजी, जिसमें Aditya Birla Capital का नाम लिखा था। इसके बाद एक फार्म ऑनलाइन इसी नाम से भरा गया। फिर प्ले स्टोर से एक ऐप डाउनलोड कराया गया। बताया गया कि अकाउंट संबंधी सभी काम इसी ऐप से होंगे। इसी से बैंक का पूरा लेन-देन भी देख सकते हैं। आइडी पासवार्ड किसी को नहीं बताने की सलाह दी गई। फिर शुरुआत में 5 हजार रुपए डलवाए गए। रकम पर मुनाफा दिखाकर भरोसा बढ़ाया गया।
करोड़ों का प्रॉफिट दिखाया, फिर IPO में निवेश का दबाव….
29 जनवरी 2026 से पीड़ित ने लगातार रकम ट्रांसफर करना शुरू किया। दीया मेहरा ने बीच में वॉट्सऐप पर ही काउंसलिंग करते हुए अलग-अलग प्लेटफार्म पर रुपए इनवेस्ट करने के प्लान बताए। दीपक उसके बताए अनुसार रुपए डालता रहा। 20 फरवरी 2026 तक इनवेस्ट राशि पर ऐप पर करीब 4 करोड़ रुपए का प्रॉफिट दिखाया गया।
जब पीड़ित ने ऐप से अपने अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश की, तो तकनीकी कारण बताकर टालमटोल की जाती रही। बाद में मोबाइल नंबरों से संपर्क कर नए IPO में निवेश का झांसा दिया। इसके बाद भी दीपक रुपए निकालने की कोशिश करता रहा। जब रुपए नहीं निकले तो दीपक को संदेह हुआ, लेकिन तब तक उससे 65 लाख 57 हजार रुपए ठगे जा चुके थे। उसने सायबर सेल में शिकायत की।















