भोपाल….

एमपी के जनपद अध्यक्षों ने जनपद पंचायत सीईओ की सीआर लिखने और टूर डायरी की निगरानी देने की मांग की है। भोपाल में जनपद अध्यक्षों ने दैनिक भास्कर से बातचीत में पंचायत मंत्री और सीएम से अधिकार बढ़ाने की मांग की है।
रीवा जिले की नई गढ़ी जनपद की अध्यक्ष ममता तिवारी ने कहा-
जनपद सीईओ की टूर डायरी, सीआर और जनपद पंचायत के रखरखाव की फाइल पर हमारे सिग्नेचर होने चाहिए। हमें भी जानकारी होनी चाहिए कि सीईओ कहां जा रहे हैं, क्या कार्य करा रहे हैं।
हर जगह नीचा दिखाया जाता….
ममता तिवारी ने कहा- हम लोग महिला हैं। महिलाओं के साथ हमेशा चाहे क्षेत्र में हो, चाहे घर में हो या राज्य में हो उनको नीचा दिखाया जाता है। अगर कहीं हम माइक पर बोलते हैं तो माइक बंद करा दिया जाता है। हम लोग क्षेत्र में जाते हैं वहां की जो समस्याएं सामने आती हैं। मंत्री जी कहते हैं कि आप तालमेल बनाकर चलिए। जो क्षेत्र में कार्य हो रहे हैं।
विधायक-मंत्री के प्रेशर आने लगते….
ममता तिवारी ने कहा- जनपद अध्यक्ष ममता तिवारी ने कहा- उनकी हम मॉनिटरिंग करें तो इंजीनियर, एई जिम्मेदार होते हैं। उसमें यदि हम हस्तक्षेप करते हैं तो फिर विधायक का कहीं मंत्री का दबाव आने लगता है। जनपद अध्यक्ष अपने क्षेत्र में निरीक्षण नहीं कर सकते क्या? जनपद अध्यक्षों का अधिकार क्या है? महिला जनप्रतिनिधि होने के नाते हमें सरकार क्या अधिकार देती है ये जानना चाहती हूं।
ममता तिवारी ने कहा- कलेक्टर-एसपी को यदि कोई पत्र दे रहे हैं तो उस पर एक हफ्ते में कार्रवाई होनी चाहिए। और उसकी मॉनिटरिंग होना चाहिए कि आपके पत्र में उल्लेखित कार्य हो गया है। हम लोग महिला जनप्रतिनिधि हैं। इसमें हमें पंचायत मंत्री और मुख्यमंत्री जी का संरक्षण और सहयोग चाहिए।
अधिकारियों पर नियंत्रण जरूरी….
सिवनी के बरघाट की जनपद अध्यक्ष आभा जितेन्द्र राहंगडाले ने कहा- ‘भाजपा की सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। हमारी कुछ मांगें हैं, हमने कुछ दिन पहले जनपद सीईओ से पत्र निकलवाया था कि हम ग्राम पंचायतों का निरीक्षण करने जाना चाहते हैं। उन्होंने हमारी बात को तवज्जो नहीं दी।
अगर जनपद सीईओ के ऊपर हम दबाव बनाना चाहते हैं तो उनकी सीआर लिखने का अधिकार जनपद अध्यक्षों को दिया जाए। उनकी टूर डायरी उस पर साइन करने का अधिकार दिया जाए ताकि अधिकारियों पर हमारा नियंत्रण हो। ताकि वो हमारी बात सुनें और हम लोग जनपद को अच्छे तरीके से चला सकें।
अब जनपद अध्यक्ष संघ के प्रदेश अध्यक्ष की मांगें जानिए….
जनपद पंचायत अध्यक्ष संघ के प्रदेश अध्यक्ष जालम सिंह पटेल(अध्यक्ष जपं सोहागपुर) ने कहा- ‘जनपद की जो नस्तियां चलतीं हैं, उनमें सिर्फ सीईओ के हस्ताक्षर होते हैं। उनमें जनपद अध्यक्ष के अनिवार्य रूप से कराए जाएं।
सीईओ अपने हिसाब से सारे काम कर रहे हैं। कर्तव्य और अधिकारों की बात आती है तो हमारे कर्तव्य तो बताए जाते हैं लेकिन, हमारे अधिकारों का हनन क्यों हो रहा है। हमारे अधिकार हमें वापस दिए जाएं।
हम वही अधिकार वापस मांग रहे हैं, जिससे हम लोग मॉनिटरिंग कर सकेंगे और सरकार की जो योजनाएं चल रही हैं, उनकी निगरानी में हम लोग कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहते हैं।
पंचायत मंत्री जी ने पिछले साल ये आश्वासन दिया था कि हम लोगों की मांगों पर सात दिनों में आदेश जारी हो जाएंगे। लेकिन अब तक काम नहीं हो पाया।
एक जनपद पंचायत में कम से कम 50 और अधिकतम 100 तक ग्राम पंचायतें शामिल होतीं हैं। इनका नेतृत्व जनपद अध्यक्ष करता है। हमारे क्षेत्र में सरकार की योजनाओं की कम से कम मॉनिटरिंग का ऐसा सिस्टम बनना चाहिए। जिससे हम प्रभावी ढंग से निगरानी कर पाएं।














