भोपाल….
इसी तरह अविवाहित पुत्री/विधवा और तलाकशुदा पुत्री को आजीवन पेंशन मिलती रहेगी। आजीविका कमाने में पूरी तरह से अक्षम दिव्यांग पुत्र/पुत्री/भाई को भी पेंशन की पात्रता होगी। ये नए पेंशन नियम 1 अप्रैल से लागू किए जाने हैं।
गौरतलब है कि पेंशन सेवानिवृत्त कर्मचारी को जीवनभर मिलती है जो ओल्ड पेंशन स्कीम में अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत, एनपीएस में एन्युटी के आधार पर और यूपीएस में निश्चित पेंशन की पात्रता है जो कि अंतिम एन्युटी के आधार पर बनती है। परिवार पेंशन कर्मचारी की मृत्यु के बाद पत्नी को मिलती है, जो 30 प्रतिशत हो जाती है। पति और पत्नी दोनों की मृत्यु के बाद अव्यस्क बच्चों को पेंशन की पात्रता होती है।

वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है….
अगर पति-पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी थे, तो क्या दोनों की फैमिली पेंशन एक साथ मिल सकेगी या किसी एक को छोड़ना पड़ेगा?
जवाब- दोनों की फैमिली पेंशन मिलेगी।
दिव्यांग संतान को जीवनभर पेंशन मिलेगी, लेकिन इसके लिए कितनी बार सत्यापन जरूरी होगा?
जवाब -यदि स्थायी दिव्यांगता है तो एक बार और अस्थायी है तो हर पांच साल में प्रमाण पत्र पेश करना होगा।
25 साल से अधिक उम्र की अविवाहित या विधवा बेटी को पेंशन पाने के लिए क्या हर साल अपनी स्थिति का प्रमाण देना होगा?
जवाब- हर साल लिखित में देना होगा कि वह अविवाहित है या विधवा है।
यदि 25 साल से अधिक आयु के बाद बड़ी बेटी का विवाह हो जाता है तो उस स्थिति में क्या होगा? क्या पेंशन उसके 25 साल से कम आयु के छोटे भाई या बहन को ट्रांसफर होगी?
जवाब- हां, लेकिन सामान्य स्थिति में 25 साल तक ही मिलेगी, इसके बाद बंद हो जाएगी।
अगर परिवार में पति/पत्नी नहीं हैं, तो माता-पिता को पेंशन मिलने की प्रक्रिया क्या होगी और प्राथमिकता किसे मिलेगी? जवाब- माता-पिता पेंशनर के ऊपर आश्रित हैं, अगर वे खुद पेंशनर हैं या रिटायर हुए हैं तो पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा।
गोद ली गई संतान को फैमिली पेंशन मिलेगी या नहीं और इसके लिए कौन-से दस्तावेज मान्य होंगे?
जवाब- मिलेगी। इसके लिए गोद लेने के दस्तावेज देने होंगे।
अगर पेंशन पाने वाला परिवार का सदस्य बाद में नौकरी या आय अर्जित करने लगे, तो क्या पेंशन बंद हो जाएगी?
जवाब- ऐसी स्थिति में पेंशन बंद हो जाएगी।















