भोपाल….
आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत ‘दक्ष आयुष्मान’ नाम से लागू जीरो टॉलरेंस टू फ्रॉड एंड एब्यूज फ्रेमवर्क के जरिए मध्य प्रदेश में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। कार्रवाई में करीब 20 करोड़ रुपए के फर्जी क्लेम रिजेक्ट किए गए हैं। इतना ही नहीं, 56 से ज्यादा अस्पतालों की आयुष्मान योजना से संबद्धता खत्म कर दी गई है।
जांच में इन अस्पतालों में घोषित क्षमता के मुकाबले 30 से 50 प्रतिशत तक बेड कम पाए गए। स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी सख्त करते हुए राज्य में 276 निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया गया। नियमों के उल्लंघन और अनियमितताओं पर 5.58 करोड़ रुपए की पेनल्टी लगाई गई, जबकि फर्जी बिलिंग करने वाले अस्पतालों से 2.15 करोड़ रुपए की रिकवरी भी की गई।
प्रदेशभर में 104 अस्पतालों पर कार्रवाई हुई है। 40 हजार आयुष्मान कार्ड डिसेबल कर उनके जरिए किए गए क्लेम रिजेक्ट कर दिए गए। अब तक 7,883 क्लेम फर्जी या संदिग्ध मिले, जिनकी कुल राशि 24.84 करोड़ है। साथ ही 40,460 फर्जी बीआईएस कार्ड ऑडिट में बंद किए गए। खामियां मिलने पर 47 अस्पतालों को नोटिस, 3 अस्पताल डि-एम्पैनल, 54 स्पेशियलिटी सस्पेंड की गई हैं।
आईसीयू में बेवजह भर्ती, फर्जी इलाज का खेल….
जांच में सामने आया कि कई अस्पतालों में बिना जरूरत मरीजों को आईसीयू में भर्ती किया गया। नॉन-ऑपरेशनल बेड पर इलाज दिखाया गया। फर्जी डॉक्टरों के नाम पर इलाज दर्ज किया गया। कई जगह फायर एनओसी एक्सपायर पाई गई। इसके बावजूद इन अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत इलाज दिखाकर पैकेज लगाकर अनुचित लाभ कमाया जा रहा था।
एंटी-फ्रॉड कार्रवाई में MP देश में नंबर वन….
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत एंटी-फ्रॉड एक्शन कैटेगरी में मध्य प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य घोषित किया गया है। इस उपलब्धि का आधार बना ‘दक्ष आयुष्मान’ फ्रेमवर्क, जिसके तहत फ्रॉड, दुरुपयोग और गलत बिलिंग पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू की गई है।
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