सारंगपुर (राजगढ़)….

टीम ने सभी पक्षों से बात कर मामले की तह तक जाने की कोशिश की।
कहानी की शुरुआत 16 दिन पहले यानी 11 फरवरी को राजगढ़ के तलेन थाना क्षेत्र के इकलेरा गांव से होती है। दोपहर करीब 12 बजे के करीब पंचायत सचिव अशोक पाटीदार घर में थे, तभी उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आया। पहले कॉल को इग्नोर कर दिया। दूसरी बार जब रिंग आई तो रिसीव कर लिया।
दूसरी ओर से आवाज आती है- पत्रकार विश्वास चंद्रवंशी बोल रहा हूं। भोपाल से आया हूं। आप कहां हैं। जवाब में उन्होंने कहा- इकलेरा में घर पर हूं।
सचिव अशोक पाटीदार कहते हैं कि विश्वास चंद्रवंशी का बात करने का अंदाज इस तरह का था। जैसे कोई सरकारी अफसर हो। अशोक कहते हैं- कुछ समझ नहीं पा रहा था, क्या करूं? जल्दी से पंचायत पहुंचा।
तीनों लोग दो-तीन टीवी चैनल की आईडी लिए पंचायत में खड़े थे। उनसे चाय-नाश्ता का पूछते हुए कहा कि आप पहले फोन कर देते तो सरपंच मिल जाते। उन्होंने बात को अनसुना करते हुए कहा कि बहुत शिकायतें हैं आपके यहां, ऊपर तक देखना पड़ेगा। इतना कहने के बाद तीनों चले गए।

सरपंच और यूट्यूबर से बातचीत….
यूट्यूबर- कहां हो सरपंच साहब! हैलो!.. कहां हो?
सचिव- मैं इकलेरा हूं सर…
यूट्यूबर- पंचायत में पहुंचाओ किसी को…
सचिव- आप कौन?
यूट्यूबर- पत्रकार बोल रहा हूं, भोपाल से आए हैं…
सचिव- अच्छा- अच्छा…
यूट्यूबर- आप जीआरएस और मंत्रीजी दोनों को पहुंचाओ और आप भी आइए…
सचिव- तो सर वह तो नरसिंहगढ़ गए हैं …
यूट्यूबर- मैं करूं बात… जीआरएस कहां है। बहुत स्थिति खराब है, बहुत शिकायत है…
सचिव – आप फोन तो लगा लेते…
यूट्यूबर- हां फोन… अभी हम यहां गांव के पास आ गए, तभी आपको लगाया..। आप जीआरएस महोदय को भेज दीजिए।
रात में आया सरपंच को फोन….
सचिव ने बताया कि रात को सरपंच श्रवण पाटीदार आए तो मैंने उन्हें पूरी बात बताई। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को गांव तो घुमा देते। थोड़ी देर बाद ही विश्वास चंद्रवंशी का फोन सरपंच के पास आया। वह स्पीकर ऑन कर बात करने लगे।
पत्रकार ने काम में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की बातें करते हुए 10 हजार रुपए मांगे। सरपंच जी ने कहा- गड़बड़ी कहीं नहीं है। हमारे गांव में काम हो रहा है। आप जब चाहें आकर देख लें। इसके बाद पत्रकार ने रुपए मांग लिए।
कहा कि वो पत्रकार संघ का अध्यक्ष है। ऊपर तक देना पड़ता है। सरपंच ने उससे कहा कि वो जब चाहे इकलेरा आकर काम देख सकते हैं, लेकिन पत्रकार बार-बार रुपए देने को कहता रहा।

सरपंच बोले- पूरा गांव घुमाया, काम भी दिखाया….
अशोक पाटीदार ने बताया कि 13 फरवरी की दोपहर सरपंच पंचायत में ही थे। दूर से SUV आती दिखी। सोचा गांव में किसी के यहां कोई आ रहा होगा। गाड़ी पंचायत भवन के सामने आकर खड़ी हो गई। उसमें से उतरे पत्रकारों ने कहा श्रवण कहां है? मैंने जवाब दिया आज राजगढ़ गए हैं। अभी आधा घंटा ही हुआ है। वे बोले- वापस बुलाओ।
मैंने सरपंचजी को फोन लगाकर पत्रकारों के आने की बात बताई। उन्होंने कहा कि वापस आ रहा हूं। यही बात मैंने तीनों पत्रकारों को बता दी। थोड़ी देर में सरपंच आ गए। पत्रकारों ने उनसे निर्माण कार्य में गड़बड़ी की बात कही।
इतना सुनते ही सरपंच ने कहा- मेरे साथ चलिए बताइए। कहां-कहां गड़बड़ी हुई है। तीनों को पूरा गांव घुमाया। जहां-जहां काम हो रहा था, वो दिखाया। पत्रकार का रवैया जब ऐसा लगा कि वो हमें डरा रहा है तो गुस्से में सरपंच ने उसे थप्पड़ मार दिया।

10 दिन बाद कहानी में आया नया पेंच….
इकलेरा गांव में 23 फरवरी की रात पत्रकार संजय सिंह सोलंकी के घर हमला हो जाता है। बदमाश घर का दरवाजा तोड़ने की कोशिश करते हैं। बाहर खड़ी कार-बाइक और वॉशिंग मशीन में तोड़फोड़ करते हैं। संजय सिंह थाने में एफआईआर लिखवा देते हैं।
24 फरवरी को संजय सिंह सोशल मीडिया पर पत्रकार की पिटाई का वीडियो पोस्ट करते हैं। इसके बाद शाजापुर जिले के कालापीपल के रहने वाले यूट्यूबर विश्वास चंद्रवंशी, धर्मेंद्र बामनिया और जितेंद्र नायक ने एसपी अमित तोलाना को सरपंच श्रवण पाटीदार के खिलाफ आवेदन दिया।
कहा- सरपंच ने तीनों के साथ मारपीट की है। एसपी के निर्देश पर 25 फरवरी की शाम तलेन थाने में सरपंच पाटीदार समेत उनके साथी रामबाबू गोठी पर मारपीट की धाराओं में केस दर्ज किया गया।
केस दर्ज होते ही मैदान में आया सरपंच संघ….
इसके बाद करीब 25 से अधिक सरपंच-सचिव, सरपंच के समर्थन में आ गए। 25 फरवरी को सरपंच और सचिव संघ ने ऑडियो रिकॉर्डिंग और रुपयों के ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट जैसे सबूत पुलिस को उपलब्ध कराए। साथ ही यूट्बर पर ब्लैकमैलिंग के आरोप लगाए।
उनका कहना है कि सिर्फ तलेन क्षेत्र ही नहीं कालापीपल क्षेत्र के सरपंच भी ऐसे पत्रकारों से परेशान है। ये लोग भोपाल से आना बताकर कम शिक्षित अथवा अशिक्षित सरपंचों को निर्माण में अनियमितता व घोटाले की जांच की कार्रवाई का डर दिखाकर लगातार पैसे ऐंठ रहे हैं।

सरपंच बोले- पत्रकार बताकर वसूली करते हैं….
सरपंच श्रवण पाटीदार का आरोप है कि बाहर के लोग यहां आकर खुद को पत्रकार बताते हैं। वसूली करते हैं। एसपी साहब को रिकाॅर्ड उपलब्ध कराया है कि सभी सरपंचों से किस तरह पैसे लिए हैं।
ये लोग 11 फरवरी को भी आए थे। उस दिन इन्होंने आसपास की ताजीपुरा, नाहली, बोरखेड़ा समेत करीब 12 से ज्यादा पंचायतों के सरपंचों को धमकी देकर किसी से 4 किसी से पांच किसी से दो हजार रुपए ऐंठ थे। मुझसे फोन पर 20 हजार रुपए की डिमांड की थी। कह रहे थे कि ऊपर से आदेश है। बड़ी पंचायत है, इतना तो देना पड़ेगा।
13 फरवरी को जब ये दोबारा आए तो उस दिन राजगढ़ जा रहा था। फोन आने पर सात किलोमीटर दूर से लौटकर आया। बातचीत की तो पैसे नहीं देने पर धमकी देने लगे। मैंने गांव वालों के सामने इन्हें मौके पर ले जाकर निर्माण दिखाया। फिर भी लगातार जनपद और अधिकारियों से शिकायत की धमकी से परेशान होकर हाथ उठाना पड़ गया।

यूट्यूबर बोले- सरपंच ने मारपीट की थी….
यूट्यूबर विश्वास चंद्रवंशी का कहना है कि वह 13 फरवरी को इकलेरा गांव गए थे। सरपंच श्रवण पाटीदार ने गालियां देते हुए मारपीट की। धमकी दी गई थी कि इकलेरा में दिख मत जाना।
उनसे पूछा कि मारपीट की शिकायत आपने 13 दिन बाद क्यों कराई? जवाब में विश्वास चंद्रवंशी कहते हैं- डर के चलते शिकायत दर्ज नहीं कराई। 23 फरवरी को इकलेरा के पत्रकार संजय सोलंकी के घर में तोड़फोड़ की वजह हमको बताया जा रहा है। आरोपियों को शक है कि संजय के कहने पर हम लोग इकलेरा गए थे।
एसडीओपी अरविंद सिंह ने बताया कि एसपी कार्यालय में तीन लोगों के खिलाफ राजगढ़ और शाजापुर जिले की 24 से ज्यादा पंचायतों के सरपंचों ने शिकायत की है। यह जांच के लिए आए हैं। जांच के दौरान जो भी सत्यता सामने आती है, उस अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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