भोपाल…..
सरकार ने कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आधार पर स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की है। जूनियर डॉक्टरों को अब 77,662 रुपए मिलेंगे, जबकि सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का स्टाइपेंड 90,803 रुपए तय किया गया है। हड़ताल के चार दिन बाद आदेश जारी किया गया है।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई और काम करने वाले PG छात्रों, इंटर्न और सीनियर और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को सीधा फायदा होगा। सरकार के इस कदम को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह जूनियर डॉक्टरों द्वारा स्टाइपेंड में संशोधन की मांग को लेकर हाल ही में की गई हड़ताल के बाद उठाया गया है।

उप मुख्यमंत्री बोले- जूनियर डॉक्टर स्वास्थ्य व्यवस्था की अहम कड़ी….
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि जूनियर डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। मेडिकल कॉलेजों और उनसे संबद्ध अस्पतालों में वे न केवल अपने चिकित्सा प्रशिक्षण को पूरा करते हैं, बल्कि मरीजों को निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं देने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत बनाने और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुख बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार को विश्वास है कि जूनियर डॉक्टर पूरी प्रतिबद्धता के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने में योगदान देंगे।
फर्स्ट ईयर के डॉक्टर्स को मिलेंगे 77,662 रुपए….
कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) 2.94 के आधार पर हेल्थ एजुकेशन डिपार्टमेंट ने डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की है। नए आदेश के अनुसार पीजी फर्स्ट ईयर के डॉक्टर्स का स्टाइपेंड 75,444 रुपए से बढ़ाकर 77,662 रुपए कर दिया गया है।
वहीं पीजी सेकेंड ईयर का 77,764 रुपए से बढ़कर 80,050 रुपए और थर्ड ईयर के डॉक्टर्स का स्टाइपेंड 80,086 रुपए से बढ़ाकर 82,441 रुपए कर दिया गया है। इसी तरह इंटर्न डॉक्टर्स का स्टाइपेंड 13,928 रुपए से बढ़ाकर 14,337 रुपए कर दिया गया है।
सीनियर रेजिडेंट को मिलेंगे 90,803 रुपए….
वहीं सुपर स्पेशियलिटी कोर्स के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के डॉक्टरों को 82,441 रुपए स्टाइपेंड मिलेगा। सीनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 88,210 रुपए से बढ़ाकर 90,803 रुपए कर दिया गया है, जबकि जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 63,324 रुपए तय किया गया है।
हड़ताल के बाद आया निर्णय….
स्टाइपेंड संशोधन को लेकर प्रदेशभर के जूनियर डॉक्टरों में लंबे समय से नाराजगी थी। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए) के नेतृत्व में रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। 9 मार्च को सुबह 9 बजे से जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल की, जो शाम 5 बजे तक जारी रही। बाद में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त के साथ हुई संयुक्त बैठक के बाद जेडीए ने हड़ताल को 16 मार्च तक के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया। जेडीए ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि बैठक में डॉक्टरों की लंबित मांगों पर विस्तृत चर्चा हुई है और सकारात्मक समाधान का आश्वासन दिया गया है।














