जावर/आष्टा….
रक्षाबंधन के अवसर पर भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यालय प्रभारी डॉ. राजकुमार मालवीय का भावनात्मक पक्ष सामने आया जब जावर और आष्टा तहसील के दूरदराज गांवों से हज़ारों बहनों, माताओं और बेटियों ने उन्हें राखी बाँधने के लिए आमंत्रित किया।
कोई बड़ा आयोजन नहीं, कोई विशेष मंच नहीं…. फिर भी ये रक्षाबंधन एक अभूतपूर्व महोत्सव बन गया। जब एक-एक करके बहनें आने लगीं, फिर वह संख्या सैकड़ों में पहुँची, और अंततः हज़ारों तक। बहनों ने अपने भाई राजकुमार की कलाई में राखी बाँधी, लेकिन भावनाओं से ओतप्रोत यह पल उनके दिल और आत्मा को बाँध गया।

डॉ. मालवीय ने कहा — “यह केवल राखी नहीं थी, यह मेरी आत्मा पर लिखा एक वचन था — अब तू अकेला नहीं है, तू हमारा है। हर राखी मेरे लिए एक ज़िम्मेदारी है, हर मुस्कान एक प्रेरणा है।”
उन्होंने आगे कहा कि जब बहनों ने बुलाया कि “राजकुमार भैया राखी बंधवाने आओगे कि नहीं?” तो सहज ही उत्तर दिया — “जरूर आऊंगा, सभी बहनों की राखी बंधवाऊंगा, और उनकी चिंताओं, समस्याओं का समाधान भी करूंगा।” इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह प्रेम, यह भरोसा उन्हें गरीबों, किसानों, जरूरतमंदों, मजदूरों और बहनों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देता है। यह केवल एक त्यौहार नहीं बल्कि एक भावनात्मक बंधन बन गया।
डॉ. राजकुमार मालवीय ने अपने संबोधन में कहा- “जब रक्षाबंधन केवल त्यौहार नहीं, विश्वास का सागर बन जाए… जब रिश्ते खून से नहीं, भावनाओं से बनते हैं… तब एक सामान्य व्यक्ति भी खुद को एक बड़े परिवार का हिस्सा महसूस करता है।”
उन्होंने अपनी बहनों से वादा किया- “आपका यह भाई, हमेशा आपके लिए खड़ा रहेगा — बिना शोर के, बिना शर्त के।” डॉ. मालवीय इतने भावुक हो गये कि उन्होंने बहनों के लिए स्वरचित गीत भी गुनगुनाए जिन्हें सुन बहनें भी भावुक हो गईं।

इस रक्षाबंधन समारोह में एक विशेष भावनात्मक क्षण तब आया जब इंद्रदेव ने भी बारिश के रूप में पुष्पवर्षा कर इस आत्मीय मिलन का स्वागत किया। डॉ. मालवीय ने बहनों को उपहार स्वरूप बहनों की पसंद की साड़ियां और मिठाई भी प्रदान की और कहा कि यह प्रेम और आशीर्वाद ही उन्हें सेवा के मार्ग पर सदा प्रेरित करता रहेगा।
समापन पर उन्होंने कहा- “जब तक सांसें हैं, तब तक दिल में भारत है। और जब तक भारत है, तब तक आपकी सेवा, सम्मान और सुरक्षा मेरा धर्म है।” रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर डॉ. राजकुमार मालवीय ने बहनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस प्यार को जीवनभर नहीं भूलेंगे और अपनी मातृशक्ति की रक्षा के लिए सदैव समर्पित रहेंगे।














