सरकार ने जारी किया नियम में संशोधन का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन
प्रस्ताव के तहत भवन और विकास अनुज्ञा के आवेदन के साथ लगने वाले नजूल के एनओसी अनिवार्यता को समाप्त किया जाएगा। सरकार ने संशोधन पर 15 दिन के भीतर आम लोगों से दावे आपत्ति और सुझाव बुलाए हैं। 15 दिन की अवधि के बाद इन दावे-आपत्ति और सुझावों पर विचार कर इस संशोधन को लागू किया जाएगा।
जानकारों के मुताबिक इस संशोधन के लागू होने पर भवन निर्माण का नक्शा पास कराने के लिए नजूल एनओसी की सर्टिफाइड कॉपी लगाने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी। लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे।
NOC खत्म करने 15 दिन में बुलाए दावे-आपत्ति, सुझाव
ये है अभी पुराना नियम….
मप्र भूमि विकास नियम 2012 के नियम 16(11) के तहत निर्माण अनुमति आवेदन के साथ भू-स्वामित्व प्रमाणित करने वाले 3 दस्तावेज अनिवार्य हैं। इनमें विक्रय विलेख या पट्टा विलेख (रजिस्ट्री), खसरा-नक्शा और खतौनी अभिलेख तथा नजूल एनओसी की प्रमाणित प्रति शामिल है।
संशोधन के लिए ये प्रस्ताव
संशोधन प्रस्ताव के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के मुताबिक नियम 16 के उपनियम (11) के इसी खंड (ग) को पूरी तरह विलोपित किया जाएगा। जबकि खंड क और ख यथावत रहेंगे। यानी अब आवेदकों को केवल रजिस्ट्री/पट्टा और खसरा, खतौनी-नक्शा ही आवेदन के साथ लगाना होगा।












