
NTA डीजी अभिषेक सिंह ने कहा- इस गड़बड़ी के लिए हम जिम्मेदार हैं। परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। 6 से 8 दिन में नई तारीख का ऐलान होगा।
उधर, केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच CBI को सौंप दी है। एजेंसी ने मामले में एफआईआर दर्ज की है। NTA ने बताया कि भारत सरकार की मंजूरी मिलने के बाद परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया।

केरलम से सीकर पहुंचा क्वेश्चन बैंक, टाइमलाइन से समझें
NEET का पेपर ‘क्वेश्चन बैंक’के जरिए लीक किया गया। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। ये सभी हाथ से लिखे गए और इनकी हैंडराइटिंग भी एक ही थी। जांच एजेंसी पता लगा रही हैं कि आखिर यह पेपर लीक कहां से हुआ। हालांकि, इसका खुलासा राजस्थान के सीकर से हुआ।
1 मई: केरलम से राजस्थान भेजा क्वेश्चन बैंक
केरलम के कॉलेज में MBBS कर रहे चूरू के एक लड़के ने ‘क्वेश्चन बैंक’ सीकर में अपने दोस्त को भेजा।
2 मई: राजस्थान में पेपर शेयर हुआ
दोस्त ने ‘क्वेश्चन बैंक’ सीकर के एक पीजी संचालक को दिया। उसने पीजी में रहने वाले स्टूडेंट्स को ‘क्वेश्चन बैंक’ शेयर कर दिया। इसी तरह दूसरे स्टूडेंट्स और करियर काउंसलर्स तक पहुंचा। इसी तरह बंटता चला गया।
3 मई: पीजी संचालक ने पुलिस में शिकायत की
परीक्षा होने के बाद सीकर के एक पीजी संचालक ने उद्योग नगर थाने और एनटीए को यह शिकायत दी थी कि एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ बड़ी संख्या में छात्रों को मिला है।
6-7 मई: पेपर से जुड़ी ऑनलाइन चैट वायरल
आंसर-की और परीक्षा से जुड़ी चर्चाएं ऑनलाइन सामने आने के बाद छात्रों और कोचिंग सेंटर्स में एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ को लेकर चर्चा शुरू हुई, जो कथित तौर पर असली परीक्षा से काफी मिलता-जुलता था।
7 मई: NTA ने गड़बड़ी की बात कही
NTA ने पुष्टि की कि उसे परीक्षा के 4 दिन बाद, यानी 7 मई को कथित गड़बड़ियों से जुड़े इनपुट मिले थे। एजेंसी ने बताया कि यह मामला राजस्थान और उत्तराखंड से सामने आया।
8 मई: NTA ने जांच केंदिय एजेंसियों को सौंपी।
10 मई: 13 लोग अरेस्ट
राजस्थान पुलिस स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने कहा कि उसने नीट पेपर लीक मामले की जांच शुरू कर दी है। 12 मई तक सीकर और आसपास के इलाकों से 13 लोगों को अरेस्ट किया।
एक ही हैंडराइटिंग में लिखे 300+ सवाल, 150 परीक्षा में आए

‘क्वेश्चन बैंक’ में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। इसमें से 150 सवाल हूबहू NEET के पेपर में आए। पेपर में कुल 180 सवाल हल करने होते हैं और प्रत्येक सवाल 4 अंक का होता है। यानी 720 में से 600 नंबर के सवाल सीधे ‘क्वेश्चन बैंक’ से आए।
एक्सपर्ट्स के अनुसार किसी विशेष क्वेश्चन बैंक से परीक्षा में कुछ सवाल हूबहू आने की संभावना रहती है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में प्रश्न आने की संभावना आमतौर पर नहीं होती।
कितने छात्रों को ‘क्वेश्चन बैंक’ मिला यह तय नहीं
अब तक यह आंकड़ा तो सामने नहीं आया है कि कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ कितने छात्रों तक पहुंचा, लेकिन यह संख्या बड़ी होने की आशंका है। दरअसल, जिन लोगों को ये वॉट्सएप पर यह मिला, उसमें मैसेज के साथ ‘फॉरवर्डेड मेनी टाइम्स’ लिखा आ रहा है।
अब इसके तार केरल, राजस्थान, महाराष्ट्र तक जुड़ रहे हैं। नासिक पुलिस ने बताया कि नीट पेपर लीक मामले में यहां युवक को हिरासत में लिया गया है। राजस्थान पुलिस की एक टीम यहां पहुंचने वाली है। इस बीच, सूत्रों ने दावा किया है कि आरोपी फिलहाल BAMS की पढ़ाई कर रहा है। इसके अलावा, पता चला है कि वह एक मेडिकल काउंसलिंग एजेंसी भी चलाता है।

NTA डीजी बोले- 7 मई को एग्जाम में गड़बड़ी की जानकारी मिली
7 मई की रात हमें एक व्हिसलब्लोअर के जरिए जानकारी मिली थी कि परीक्षा होने से पहले किसी व्यक्ति को व्हाट्सऐप पर कुछ सवाल भेजे गए थे, जो परीक्षा के सवालों से मेल खा रहे थे।
हमारी जिम्मेदारी थी कि इन आरोपों की जांच करें और यह पता लगाएं कि क्या ये PDF 3 मई यानी परीक्षा के दिन से पहले किसी के पास मौजूद थीं। जांच में पाया गया कि कुछ सवाल हमारे प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। यह भी सामने आया कि 1 और 2 मई को यह PDF कुछ लोगों के मोबाइल फोन में मौजूद थी।
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