जबलपुर….
सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की युगलपीठ ने नर्सिंग काउंसिल को निर्देश दिए कि अगली सुनवाई तक अनसूटेबल संस्थानों में पढ़ रहे छात्रों की शिफ्टिंग को लेकर अब तक की गई कार्यवाही और हाईकोर्ट के पूर्व आदेशों के पालन में उठाए गए कदमों की पूरी जानकारी शपथ पत्र के माध्यम से पेश की जाए। मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को निर्धारित की गई है।
अधिवक्ता ने कहा-छात्रों का भविष्य संकट में….
लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता विशाल बघेल की ओर से दायर जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आलोक वागरेचा ने कोर्ट को बताया कि सीबीआई जांच में अनसूटेबल पाए गए सैकड़ों संस्थानों में अध्ययनरत हजारों छात्रों का भविष्य संकट में है।
आदेश का पालन नहीं किया जा रहा….
अधिवक्ता वागरेचा ने कहा कि हाईकोर्ट ने 28 मार्च 2025 और 21 अगस्त 2025 को स्पष्ट आदेश दिए थे कि इन छात्रों को सूटेबल (पात्र) नर्सिंग कॉलेजों में शिफ्ट किया जाए, लेकिन जानबूझकर इन आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। स्थिति यह है कि छात्र आज भी कागजों में उन्हीं अपात्र कॉलेजों में अध्ययनरत दिखाए जा रहे हैं, जिनके पास न तो पर्याप्त संसाधन हैं और न ही जरूरी फैकल्टी।














