भोपाल….
मप्र में अवैध कॉलोनियों और प्लॉटिंग पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ‘मप्र कॉलोनी अधिनियम-2026’ ला रही है। इसका ड्राफ्ट तैयार हो गया है। इसके साथ डिजिटल पोर्टल भी बनाया जा रहा है। इसमें राजस्व, टीएंडसीपी, नगरीय प्रशासन, संपदा और रजिस्ट्री विभाग जुड़े होंगे। एक क्लिक पर किसी भी कॉलोनी की वैधता की जानकारी मिल सकेगी।
नए कानून से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के अलग-अलग नियम खत्म कर एकीकृत कॉलोनी कानून लागू किया जाएगा। अभी इन्हीं अलग नियमों का फायदा उठाकर भोपाल, इंदौर और जबलपुर समेत बड़े शहरों के आसपास पेरी-अर्बन क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग हो रही है। सरकार का दावा है कि इससे यह लूपहोल खत्म होगा। कैबिनेट और विधानसभा की मंजूरी के बाद कानून लागू होने में करीब एक वर्ष लग सकता है।
डीम्ड अप्रूवल को मिलेगी डिजिटल मान्यता….
डीम्ड या नियमित स्वीकृति मिलते ही दस्तावेज डिजिटल लॉकर में दर्ज हो जाएंगे, जिन्हें बैंक सीधे सत्यापित कर सकेंगे। इससे बैंक लोन और प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग में डीम्ड अप्रूवल को लेकर आने वाली दिक्कतें खत्म होंगी। नामांतरण के लिए राजस्व और संपदा पोर्टल के बीच रियल-टाइम समन्वय भी बनाया जाएगा।
2047 को ध्यान में रखकर बनेगी नई टाउनशिप पॉलिसी….
सरकार का अनुमान है कि वर्ष 2047 तक प्रदेश की करीब 50% आबादी शहरों में रहने लगेगी। इसे देखते हुए भोपाल और इंदौर जैसे तेजी से बढ़ते शहरों के लिए अलग टाउनशिप पॉलिसी तैयार की जा रही है। इसमें बड़े आवासीय प्रोजेक्ट, मिश्रित भूमि उपयोग (लैंड यूज मिक्स), 15-20 वर्ष के रेंटल हाउसिंग मॉडल और ईडब्ल्यूएस नियमों में बदलाव पर काम चल रहा है।
4 श्रेणियां, जिनसे कॉलोनियों की पहचान….
1. नई वैध कॉलोनी: 45 दिन में रजिस्ट्रेशन, 60 दिन में अनुमति; देरी पर डीम्ड अप्रूवल, 500 वर्गमीटर तक छूट।
2. अधूरी कॉलोनी: 15 दिन में सुधार, नहीं तो आरडब्ल्यूए बनाकर विकास कार्य पूरे होंगे।
3. अवैध कॉलोनी: सरकारी जमीन, सड़क, पार्क, नदी-नाले और वन भूमि पर बनी कॉलोनियां सीधे हटेंगी।
4. विवादित कॉलोनी : तकनीकी और कानूनी मामलों का अलग प्रक्रिया से निराकरण होगा।
अफसरों-पुलिस की जवाबदेही तय….
अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई नहीं करने वाले अफसरों को अपराध में सहयोगी मानेंगे। दोषी पर 6 माह जेल व 10 लाख जुर्माना होगा। अवैध निर्माण हटाने में सहयोग नहीं तो पुलिस पर भी कार्रवाई।
3 बार आपत्ति, 7 दिन में कार्रवाई….
ऑनलाइन सिस्टम पर कॉलोनी का नक्शा, विकास अनुमति और रजिस्ट्री की जानकारी मिलेगी। अधिकारी 3 बार आपत्ति लगा सकेंगे। कोई भी आवेदन 7 दिन से ज्यादा लंबित नहीं रहेगा।















