जबलपुर….

बता दें, 28 अप्रैल से परीक्षाएं आयोजित की गई थी। कोर्ट का यह फैसला प्रदेश के 30 हजार से ज्यादा नर्सिंग छात्रों के लिए झटका है।
अपात्र को सूटेबल कॉलेज में करना था ट्रांसफर….
मामले में याचिकाकर्ता एसोसिएशन ने आवेदन पेश कर आरोप लगाया था कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले कागजी /अमानक कालेजों में जीएनएम कोर्स संचालित करने वाले जो 117 नर्सिंग कॉलेज सीबीआई जांच में अपात्र पाए गए थे। अब एमपी नर्सिंग काउंसिल उनके छात्रों को सूटेबल कॉलेजों में ट्रांसफर करने के स्थान पर उन कॉलेजों की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं ले रहा है, जो 28 अप्रैल से प्रस्तावित है।
अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी….
हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद एमपीएनआरसी की अंडरटेकिंग रिकार्ड पर लेकर आदेश दिए हैं कि हाईकोर्ट की अनुमति के बगैर कोई भी परीक्षाओं का आयोजन नहीं होगा, मामले की सुनवाई पुनः 28 अप्रैल को चीफ जस्टिस की अगुआई वाली युगलपीठ में होगी, अब नर्सिंग कॉलेजों की प्रस्तावित परीक्षाओं के लिए एमपी नर्सिंग काउंसिल को आवेदन पेश कर हाईकोर्ट से अनुमति लेनी होगी, इसी आधार नर्सिंग कॉलेजों की परिक्षाओं पर निर्णय होगा।
भोपाल> MPNRC ने आगामी आदेश तक स्थगित की परीक्षाएं….













